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औद्योगिक डीकार्बोनाइजेशन और ऊर्जा दक्षता
ज्ञान साझाकरण मंच
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नॉलेज शेयरिंग प्लेटफॉर्म (KSP) का उद्देश्य उन अन्य हितधारकों को भी इस मंच से जोड़ना है, जो बड़े पैमाने के उद्योगों (नामित उपभोक्ता - Designated Consumers) के साथ निकट समन्वय में कार्य करते हैं, ताकि मंच का संचालन सभी हितधारकों के लिए समावेशी बनाया जा सके। इन हितधारकों में उद्योग, औद्योगिक संघ, प्रौद्योगिकी एवं सेवा प्रदाता, अनुसंधान संस्थान तथा वित्तीय संस्थान शामिल हैं।

उद्योग

वे औद्योगिक क्षेत्र जो ऊर्जा दक्षता ब्यूरो (BEE) की परफॉर्म, अचीव एंड ट्रेड (PAT) योजना के अंतर्गत आते हैं तथा जिन्हें नामित उपभोक्ता (Designated Consumers - DCs) कहा जाता है, इस प्लेटफॉर्म के प्रमुख हितधारकों में से एक हैं। इन उद्योगों में एल्युमिनियम, सीमेंट, क्लोर-अल्कली, वाणिज्यिक भवन (होटल), डिस्कॉम, उर्वरक, लौह एवं इस्पात, पेट्रोकेमिकल्स, पेट्रोलियम रिफाइनरी, पल्प एवं पेपर, रेलवे, वस्त्र तथा ताप विद्युत संयंत्र शामिल हैं।

औद्योगिक संघ

नॉलेज शेयरिंग प्लेटफॉर्म विभिन्न औद्योगिक संघों के साथ मिलकर क्षेत्र-स्तरीय कार्यशालाओं, सेमिनारों तथा अन्य परियोजना गतिविधियों का आयोजन करता है। कुछ औद्योगिक संघों के प्रतिनिधि KSP के सदस्य भी हैं। ये औद्योगिक संघ उद्योग से संबंधित विभिन्न मुद्दों एवं चिंताओं को व्यापक हितधारक समूह के समक्ष प्रस्तुत करने का कार्य भी करते हैं।

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प्रौद्योगिकी एवं सेवा प्रदाता

प्रौद्योगिकी एवं सेवा प्रदाताओं का हितधारक समूह विविधतापूर्ण है क्योंकि यह प्लेटफॉर्म सभी तेरह ऊर्जा-गहन औद्योगिक क्षेत्रों एवं प्रतिष्ठानों के साथ कार्य करता है। ज्ञान प्रसार गतिविधियों के दौरान KSP प्रक्रिया प्रौद्योगिकी आपूर्तिकर्ताओं तथा इंजीनियरिंग उपकरण आपूर्तिकर्ताओं के साथ साझेदारी करता है।

इस समूह के साथ साझेदारी का उद्देश्य संसाधन-कुशल प्रौद्योगिकी समाधानों की मांग और आपूर्ति के बीच एक गतिशील समन्वय स्थापित करना है। ऊर्जा दक्षता एवं डीकार्बोनाइजेशन के क्षेत्र में यूनाइटेड किंगडम (UK) तथा अन्य देशों में उपयोग की जा रही प्रौद्योगिकियों का अध्ययन कर उन्हें भारतीय उद्योगों में अपनाने की दिशा में प्रयास किए जाएंगे।

अनुसंधान संस्थान

हमारा उद्देश्य क्षेत्र-विशिष्ट अनुसंधान संस्थानों तथा शैक्षणिक अनुसंधान संस्थानों को भी नॉलेज शेयरिंग प्लेटफॉर्म से जोड़ना है। यह मंच उद्योग एवं अनुसंधान संस्थानों को अनुसंधान एवं विकास (R&D) की आवश्यकताओं पर संयुक्त रूप से कार्य करने तथा अनुकूलित, नवोन्मेषी एवं अभिनव समाधानों के विकास के लिए सहयोग प्रदान करेगा।

अनुसंधान एवं विकास (R&D) संस्थानों की सूची देखने के लिए यहाँ क्लिक करें

वित्तीय संस्थान

नॉलेज शेयरिंग प्लेटफॉर्म विभिन्न लाभार्थियों को ऊर्जा दक्षता परियोजनाओं के कार्यान्वयन हेतु पंजीकृत वित्तीय संस्थानों के माध्यम से वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से वित्तीय संस्थानों को भी इस पहल से जोड़ने का प्रयास करता है।

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राज्य नामित एजेंसियाँ (State Designated Agencies - SDAs)

ऊर्जा संरक्षण अधिनियम, 2001 की धारा 15(d) के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए सभी राज्य सरकारों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के प्रशासन ने एक एजेंसी को राज्य नामित एजेंसी (State Designated Agency - SDA) के रूप में नामित किया है। इन एजेंसियों का दायित्व राज्य स्तर पर ऊर्जा संरक्षण अधिनियम के प्रावधानों का समन्वय, विनियमन तथा प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करना है।

यह दायित्व या तो राज्य सरकार के किसी मौजूदा विभाग को अतिरिक्त जिम्मेदारी देकर अथवा ऊर्जा दक्षता के लिए समर्पित स्वतंत्र राज्य नामित एजेंसी स्थापित करके निभाया जाता है।

विभिन्न राज्यों में इन एजेंसियों की संरचना अलग-अलग है। इनमें लगभग 44% नवीकरणीय ऊर्जा विकास एजेंसियाँ, 19% विद्युत निरीक्षणालय, 17% वितरण कंपनियाँ (DISCOMs), 14% विद्युत विभाग तथा 6% स्वतंत्र राज्य नामित एजेंसियाँ शामिल हैं।

नॉलेज शेयरिंग प्लेटफॉर्म, औद्योगिक ऊर्जा दक्षता एवं डीकार्बोनाइजेशन प्रौद्योगिकियों को बढ़ावा देने के लिए राज्य नामित एजेंसियों के साथ मिलकर क्षेत्र-स्तरीय कार्यशालाओं, सेमिनारों एवं अन्य परियोजना गतिविधियों का आयोजन करता है।

राज्य नामित एजेंसियों (SDAs) की सूची यहाँ उपलब्ध है: SDAs की सूची

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